दोस्तों, आज हम एक ऐसी जॉब के बारे में बात करने वाले हैं जो पूरी तरह से Night Shift की है और फ्रीलांसिंग के तरीके से है। यह जॉब है Video Annotation की, और कंपनी का नाम है बिज़ टेक कंसल्टेंट्स। अगर आप रात में जागना पसंद करते हैं और कंप्यूटर पर काम करना आपको अच्छा लगता है, तो यह जानकारी आपके लिए ही है।

📋 Everything You Need to Know! Night Shift Timings, Salary Breakdown, Requirements & How This AI Job Works. 50+ Openings for Freshers!जॉब का सिंपल सारांश (सब कुछ एक नजर में)
इस जॉब को अगर सबसे आसान भाषा में समझाऊँ तो:
- कंपनी: बिज़ टेक कंसल्टेंट्स
- पोस्ट: नाइट शिफ्ट – फ्रीलांसिंग वीडियो एनोटेशन
- सैलरी: ₹1,00,000 से ₹2,25,000 सालाना
- काम का तरीका: 100% रिमोट (घर से)
- शिफ्ट: सख्त नाइट शिफ्ट (PST टाइमिंग के अनुसार)
- एक्सपीरियंस: फ्रेशर्स भी अप्लाई कर सकते हैं (0-4 साल तक का एक्सपीरियंस चाहिए)
- खुली पोस्ट: 50
- अप्लाई कर चुके: 100 से ज्यादा लोग
- जॉब टाइप: टेम्पररी/कॉन्ट्रैक्ट (शुरुआत 3 महीने के लिए)
टेबल चार्ट: पूरी जानकारी एक जगह
| जॉब का पहलू | पूरी डिटेल |
|---|---|
| कंपनी का नाम | बिज़ टेक कंसल्टेंट्स |
| पोस्ट का नाम | Night Shift – फ्रीलांसिंग वीडियो एनोटेशन |
| सैलरी (सालाना) | ₹1,00,000 – ₹2,25,000 प्रति वर्ष |
| महीने की सैलरी | ₹8,300 – ₹18,750 (लगभग) |
| काम का प्रकार | पार्ट टाइम, टेम्पररी/कॉन्ट्रैक्ट |
| काम का तरीका | 100% रिमोट (घर से काम) |
| ऑफिस लोकेशन | नई दिल्ली (नेहरु प्लेस) – सिर्फ इंटरव्यू या डॉक्युमेंट के लिए |
| शिफ्ट टाइमिंग | नाइट शिफ्ट (PST टाइमिंग के हिसाब से) |
| कॉन्ट्रैक्ट अवधि | शुरुआत 3 महीने के लिए (बाद में बढ़ सकता है) |
| जरूरी एक्सपीरियंस | 0 से 4 साल (फ्रेशर्स के लिए खुला) |
| शैक्षिक योग्यता | ग्रेजुएशन जरूरी नहीं (12वीं पास भी अप्लाई कर सकते हैं) |
| खुली हुई सीटें | 50 |
| जॉब पोस्ट की तारीख | 1 हफ्ते पहले |
| कितने अप्लाई कर चुके | 100 से ज्यादा |
| कंपनी रेटिंग | 3.5 स्टार (3 रिव्यूज के आधार पर) |
कंपनी के बारे में (बिज़ टेक कंसल्टेंट्स)
बिज़ टेक कंसल्टेंट्स एक आईटी सर्विसेज और कंसल्टिंग कंपनी है। कंपनी का मतलब समझ लीजिए:
- यह कंपनी दूसरी बड़ी कंपनियों को टेक्निकल सर्विसेज देती है।
- खासकर एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और मशीन लर्निंग के क्षेत्र में काम करती है।
- जब कोई कंपनी एआई मॉडल बनाती है, तो उसे बहुत सारे “लेबल किए हुए डाटा” चाहिए होते हैं।
- बिज़ टेक कंसल्टेंट्स यही काम करती है – डाटा को एनोटेट और लेबल करना।
कंपनी की रेटिंग: 3.5 स्टार (3 रिव्यूज के आधार पर)। यह एक ठीक-ठाक रेटिंग है। चूंकि सिर्फ 3 रिव्यू हैं, इसलिए पूरी तस्वीर साफ नहीं है।
ध्यान रखें: यह एक फ्रीलांसिंग/कॉन्ट्रैक्ट जॉब है। मतलब:
- आप कंपनी के परमानेंट एम्प्लॉयी नहीं होंगे।
- आपको प्रोजेक्ट के हिसाब से पेमेंट मिलेगी।
- कोई फिक्स्ड सैलरी नहीं होगी (हालांकि सैलरी रेंज दी गई है)।
- कोई PF, ESI जैसे बेनिफिट्स नहीं मिलेंगे।
वीडियो एनोटेशन क्या है? (सबसे आसान भाषा में)
एनोटेशन का मतलब है “लेबल लगाना” या “निशान बनाना”।
वीडियो एनोटेशन का सिंपल उदाहरण:
- मान लीजिए एक वीडियो है जिसमें एक सड़क पर कारें चल रही हैं।
- आपका काम होगा: हर कार के चारों ओर एक बॉक्स बनाना (जैसे फोटोशॉप में काटते हैं)।
- फिर उस बॉक्स पर लेबल लगाना: “कार”, “लाल कार”, “ट्रक”, “बस”।
- कभी-कभी और डिटेल्स: कार किस दिशा में जा रही है, कितनी तेज है, कौन सी लेन में है।
यह काम किसलिए होता है?
- सेल्फ-ड्राइविंग कारों के लिए: कार को सिखाने के लिए कि सड़क पर कार, बाइक, पैदल चलने वाले कैसे दिखते हैं।
- सुरक्षा कैमरों के लिए: कैमरा ऑटोमेटिकली चोर या शक वाले इंसान को पहचान सके।
- मूवी और गेम्स के लिए: ऑटोमेटिक सबटाइटल जनरेट करने के लिए।
- स्पोर्ट्स एनालिसिस के लिए: खिलाड़ियों के मूवमेंट ट्रैक करने के लिए।
आपका काम किसी टीचर जैसा होगा: आप एआई को पढ़ा रहे होंगे कि दुनिया की चीजें कैसी दिखती हैं।
तुम्हारा काम क्या होगा? (रोल और जिम्मेदारियाँ)
आपका टाइटल है वीडियो एनोटेशन स्पेशलिस्ट। आइए इसे बिल्कुल आसान भाषा में समझते हैं:
1. वीडियो देखना और समझना:
- आपको रोज नए वीडियो मिलेंगे।
- ये वीडियो 5 मिनट से लेकर 1 घंटे तक के हो सकते हैं।
- आपको पूरा वीडियो ध्यान से देखना होगा।
2. इंस्ट्रक्शन फॉलो करना:
- हर प्रोजेक्ट के साथ एक डिटेल्ड इंस्ट्रक्शन शीट मिलेगी।
- इसमें लिखा होगा कि क्या-क्या मार्क करना है।
- जैसे: “हर इंसान के चेहरे पर बॉक्स बनाओ”, “हर वाहन पर सर्कल बनाओ”।
- आपको इन इंस्ट्रक्शन को बिल्कुल फॉलो करना है।
3. एनोटेशन टूल का इस्तेमाल करना:
- कंपनी आपको एक सॉफ्टवेयर या टूल देगी।
- यह टूल ऑनलाइन ब्राउज़र में चलेगा।
- आपको इस टूल में वीडियो ओपन करना होगा।
- फिर माउस से ड्रॉ करके ऑब्जेक्ट्स के चारों ओर बॉक्स बनाना होगा।
4. लेबलिंग और टैगिंग:
- हर बॉक्स के लिए सही लेबल चुनना।
- जैसे: बॉक्स बनाया कुत्ते के चारों ओर → लेबल चुना: “डॉग”।
- कभी-कभी एक्टिविटी भी टैग करनी होती है: “इंसान चल रहा है”, “गाड़ी रुकी है”।
5. क्वालिटी चेक:
- अपना खुद का काम चेक करना।
- गलत बॉक्स हटाना।
- मिस हुई चीजें एड करना।
- सुनिश्चित करना कि सब कुछ सही है।
आपका एक साधारण रात (नाइट शिफ्ट) ऐसा हो सकता है:
- रात 10:00 बजे (IST): लैपटॉप ऑन करके कंपनी के पोर्टल में लॉगिन करना।
- 10:15 बजे: नया असाइनमेंट चेक करना। 10 वीडियो मिले हैं, हर वीडियो 10 मिनट का।
- 10:30-2:00 बजे: पहले 5 वीडियो एनोटेट करना। हर वीडियो में गाड़ियों के चारों ओर बॉक्स बनाना और “कार”, “बाइक”, “ट्रक” लेबल करना।
- 2:00-2:30 बजे: ब्रेक (चाय/नाश्ता)।
- 2:30-5:00 बजे: बाकी के 5 वीडियो एनोटेट करना। क्वालिटी चेक करना।
- 5:00-6:00 बजे: सारा काम सबमिट करना। रिपोर्ट भरना। लॉगआउट करना।
सैलरी और पेमेंट की पूरी जानकारी
इस जॉब में ₹1,00,000 से ₹2,25,000 तक सालाना सैलरी है।
इसे महीने के हिसाब से समझिए:
- न्यूनतम: ₹1,00,000 ÷ 12 = ₹8,333 प्रति महीने
- अधिकतम: ₹2,25,000 ÷ 12 = ₹18,750 प्रति महीने
लेकिन ध्यान रहे: यह एक फ्रीलांसिंग/कॉन्ट्रैक्ट जॉब है। इसका मतलब:
- आपकी कमाई आपके काम पर निर्भर करेगी।
- जितने वीडियो एनोटेट करोगे, उतने पैसे मिलेंगे।
- अगर आप धीमे काम करोगे तो ₹8,300 महीना भी मिल सकता है।
- अगर आप तेज और एक्यूरेट काम करोगे तो ₹18,750 तक मिल सकता है।
पेमेंट कैसे मिलेगी?
- शायद प्रति घंटे के हिसाब से या प्रति वीडियो के हिसाब से।
- हर महीने बैंक अकाउंट में ट्रांसफर की जाएगी।
- कोई PF, ESI नहीं कटेगा।
- आपको खुद अपना टैक्स का ध्यान रखना होगा।
नाइट शिफ्ट और PST टाइमिंग क्या है?
यह इस जॉब की सबसे महत्वपूर्ण बात है। समझ लीजिए:
PST क्या है?
- Pacific Standard Time – यह अमेरिका के पश्चिमी भाग का टाइम जोन है।
- जैसे: कैलिफोर्निया, लॉस एंजेल्स, सिएटल जैसे शहर।
भारत और PST का टाइम डिफरेंस:
- भारत PST से 12.5 से 13.5 घंटे आगे है।
- जब भारत में दोपहर के 12:00 बजते हैं, तो PST में रात के 11:30 बजते हैं (पिछले दिन)।
इसका मतलब क्या हुआ?
- अमेरिका की कंपनी भारतीय लोगों से काम करवाना चाहती है।
- जब अमेरिका में दिन का काम शुरू होता है (सुबह 9:00 AM PST)…
- …तब भारत में रात होती है (रात 9:30 PM IST या 10:30 PM IST)।
- इसलिए आपको भारत की रात में काम करना होगा।
आपकी संभावित शिफ्ट टाइमिंग:
- भारतीय समय: रात 9:00 PM से सुबह 6:00 AM के बीच।
- काम के घंटे: शायद 6-8 घंटे।
- यह शिफ्ट सख्त है: आपको रोज इसी समय उपलब्ध रहना होगा।
जरूरी योग्यताएँ (क्या-क्या चाहिए इस जॉब के लिए)
जॉब डिस्क्रिप्शन में जो लिखा है, उसे आसान भाषा में समझते हैं:
1. नाइट शिफ्ट के लिए कम्फर्टेबल होना:
- आप रात में जागकर काम कर सकें।
- आपकी नींद का पैटर्न ऐसा हो कि रात को आलस न आए।
- आपके घर वाले आपके नाइट शिफ्ट को सपोर्ट करें।
2. वीडियो एनोटेशन का अनुभव (प्रेफरेंस है, जरूरी नहीं):
- अगर आपने पहले कभी वीडियो एनोटेशन किया है तो बहुत अच्छा।
- नहीं किया है तो कोई बात नहीं, ट्रेनिंग मिल सकती है।
3. इंग्लिश और हिंदी भाषा का ज्ञान:
- इंस्ट्रक्शन इंग्लिश में होंगे, उन्हें समझना आना चाहिए।
- लेबलिंग भी इंग्लिश में करनी होगी।
- हिंदी का ज्ञान एक अतिरिक्त फायदा है।
4. बेसिक कंप्यूटर स्किल्स:
- लैपटॉप/कंप्यूटर चलाना आना चाहिए।
- इंटरनेट का इस्तेमाल करना आना चाहिए।
- माउस और कीबोर्ड से काम करना आना चाहिए।
5. धैर्य और एकाग्रता:
- घंटों एक ही वीडियो देखना होगा।
- बार-बार एक ही तरह का काम करना होगा।
- ध्यान भटकने न देना आना चाहिए।
6. लर्निंग एबिलिटी:
- नए टूल्स और सॉफ्टवेयर सीखने की इच्छा होनी चाहिए।
- कंपनी की ट्रेनिंग अच्छे से समझनी होगी।
काम का समय और कॉन्ट्रैक्ट (टाइमिंग की डिटेल)
यह जॉब टेम्पररी/कॉन्ट्रैक्ट पर है। इसका मतलब समझ लीजिए:
कॉन्ट्रैक्ट अवधि:
- शुरुआत 3 महीने के लिए है।
- अगर आपका काम अच्छा रहा और प्रोजेक्ट चलता रहा, तो कॉन्ट्रैक्ट बढ़ सकता है।
- 3 महीने बाद नया कॉन्ट्रैक्ट मिल सकता है।
काम के घंटे:
- जॉब में घंटे नहीं बताए गए, लेकिन चूंकि पार्ट टाइम है, शायद 4-6 घंटे रोज काम होगा।
- सप्ताह में 5-6 दिन काम हो सकता है।
नाइट शिफ्ट की चुनौतियाँ:
- स्वास्थ्य पर असर: रात में काम करने से नींद का पैटर्न बिगड़ सकता है।
- सामाजिक जीवन: दोस्तों और परिवार के साथ टाइम नहीं मिल पाएगा।
- थकान: लगातार रात में जागने से शरीर थक सकता है।
फायदे:
- दिन खाली: पूरा दिन आपके पास होगा दूसरे कामों के लिए।
- शांत वातावरण: रात में कोई डिस्टर्ब नहीं करेगा।
- अंतरराष्ट्रीय अनुभव: अमेरिकी कंपनी के साथ काम करने का अनुभव मिलेगा।
इंटरव्यू प्रक्रिया (कैसे होगा सिलेक्शन?)
जॉब पोस्ट में इंटरव्यू प्रक्रिया नहीं बताई गई, लेकिन आमतौर पर ऐसे जॉब्स में ये स्टेप्स होते हैं:
1. ऑनलाइन अप्लाई:
- “Apply” बटन दबाकर अपना रिज्यूमे अपलोड करना।
- बेसिक जानकारी भरना।
2. शॉर्टलिस्टिंग:
- कंपनी आपके रिज्यूमे को देखेगी।
- अगर आपकी प्रोफाइल ठीक लगी तो कॉल या ईमेल करेगी।
3. टेस्ट/असेसमेंट:
- ऑनलाइन टेस्ट देने को कह सकते हैं।
- एक छोटा वीडियो एनोटेशन टास्क दे सकते हैं।
- आपकी इंग्लिश और कंप्यूटर स्किल्स चेक कर सकते हैं।
4. इंटरव्यू:
- वीडियो कॉल इंटरव्यू हो सकता है।
- आपकी नाइट शिफ्ट के लिए तत्परता चेक करेंगे।
- सैलरी और काम के बारे में डिस्कस करेंगे।
5. ऑफर और ट्रेनिंग:
- सेलेक्शन के बाद ऑफर लेटर मिलेगा।
- ऑनलाइन ट्रेनिंग शुरू होगी।
इंटरव्यू के लिए टिप्स:
- साफ कह दें कि आप नाइट शिफ्ट के लिए तैयार हैं।
- अगर आपने पहले कोई एनोटेशन किया है तो उसका जिक्र जरूर करें।
- अपना खाली टाइम टेबल बताएँ।
आवेदन कैसे करें? (Apply Kaise Karein?)
जॉब पोस्ट में “Apply” बटन है। उसे दबाकर ही अप्लाई करना होगा।
आवेदन करने के स्टेप्स:
- रिज्यूमे (बायोडाटा) तैयार करें:
- अपना नाम, पता, कॉन्टैक्ट नंबर, ईमेल लिखें।
- अपनी पढ़ाई की डिटेल लिखें।
- अगर कोई एनोटेशन या डाटा एंट्री का अनुभव है तो उसे हाइलाइट करें।
- अपनी स्किल्स लिखें (इंग्लिश, हिंदी, कंप्यूटर, वीडियो एडिटिंग)।
- साफ लिखें कि आप नाइट शिफ्ट के लिए तैयार हैं।
- लिंक्डइन प्रोफाइल (अगर है तो):
- अपनी लिंक्डइन प्रोफाइल अपडेट कर लें।
- प्रोफेशनल फोटो लगाएँ।
- स्किल्स एड करें।
- Apply बटन दबाएँ:
- जॉब पोस्ट पर जाएँ।
- “Apply” बटन दबाएँ।
- फॉर्म भरें और रिज्यूमे अपलोड करें।
- सबमिट कर दें।
- फॉलो-अप:
- 1-2 हफ्ते इंतज़ार करें।
- अगर कोई रिस्पॉन्स न आए तो दूसरी जॉब्स भी देखते रहें।
इस जॉब के फायदे (Benefits)
- रिमोट वर्क: सबसे बड़ा फायदा। घर बैठे काम, कोई यात्रा नहीं।
- फ्लेक्सिबल टाइमिंग (आधी): दिन का पूरा समय आपके पास होगा।
- एआई/टेक फील्ड में एंट्री: भविष्य की सबसे बड़ी फील्ड में अनुभव मिलेगा।
- अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर: अमेरिकी कंपनी के साथ काम करने का नाम रिज्यूमे पर लगेगा।
- फ्रेशर्स के लिए मौका: बिना एक्सपीरियंस के भी जॉब मिल सकती है।
- स्किल डेवलपमेंट: वीडियो एनोटेशन, डाटा लेबलिंग जैसी मॉडर्न स्किल्स सीखने को मिलेंगी।
इस जॉब की चुनौतियाँ (Challenges)
- सख्त नाइट शिफ्ट: स्वास्थ्य और सामाजिक जीवन पर बुरा असर।
- मोनोटोनस काम: घंटों एक ही तरह का काम, बोरियत हो सकती है।
- कोई स्थायित्व नहीं: सिर्फ 3 महीने का कॉन्ट्रैक्ट, आगे का पता नहीं।
- कोई बेनिफिट्स नहीं: PF, ESI, मेडिकल इंश्योरेंस जैसा कुछ नहीं मिलेगा।
- आइ स्ट्रेन: लगातार कंप्यूटर स्क्रीन देखने से आँखों में दर्द हो सकता है।
- कम सैलरी ग्रोथ: शुरुआती सैलरी कम है, और ग्रोथ भी धीमी हो सकती है।
करियर ग्रोथ (भविष्य में क्या संभावनाएँ?)
इस जॉब से शुरुआत करके आप कहाँ तक जा सकते हैं:
शॉर्ट टर्म (6 महीने – 1 साल):
- वीडियो एनोटेशन स्पेशलिस्ट बन सकते हैं।
- दूसरी कंपनियों में ज्यादा सैलरी वाली जॉब पा सकते हैं।
- डाटा एनोटेशन के दूसरे फॉर्मेट्स सीख सकते हैं (जैसे इमेज एनोटेशन, टेक्स्ट एनोटेशन)।
मीडियम टर्म (1-2 साल):
- डाटा एनोटेशन टीम लीडर बन सकते हैं।
- क्वालिटी चेकर का रोल मिल सकता है।
- सैलरी ₹25,000 – ₹40,000 तक पहुँच सकती है।
लॉन्ग टर्म (2+ साल):
- डाटा एनोटेशन मैनेजर बन सकते हैं।
- एआई ट्रेनिंग स्पेशलिस्ट बन सकते हैं।
- फ्रीलांसिंग प्लेटफॉर्म्स पर अपना प्रोफाइल बना सकते हैं और अंतरराष्ट्रीय क्लाइंट्स पा सकते हैं।
अन्य रास्ते:
- कंप्यूटर विजन: एआई की इस ब्रांच में जा सकते हैं।
- डाटा साइंस: डाटा एनोटेशन के बाद डाटा साइंस सीख सकते हैं।
- गेम डेवलपमेंट: गेम्स के लिए एसेट्स लेबल करने का काम कर सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Q1. क्या यह जॉब सच में 100% रिमोट है? क्या कभी ऑफिस भी बुलाएँगे?
Ans: जी हाँ, जॉब डिस्क्रिप्शन के अनुसार यह 100% रिमोट जॉब है। हालाँकि, हो सकता है इंटरव्यू या डॉक्युमेंट वेरिफिकेशन के लिए नेहरु प्लेस, दिल्ली ऑफिस बुलाएँ, लेकिन काम पूरी तरह घर से ही होगा।
Q2. PST टाइमिंग में काम करने का मतलब क्या? क्या रात के 12 बजे से सुबह 8 बजे तक काम करना होगा?
Ans: हाँ, लगभग ऐसा ही होगा। PST टाइम जोन के हिसाब से अमेरिकी दिन के समय में आपको भारत की रात में काम करना होगा। सटीक समय कंपनी बताएगी, लेकिन यह भारतीय समय के अनुसार रात 9:00 PM से सुबह 9:00 AM के बीच का कोई समय होगा।
Q3. क्या 12वीं पास भी अप्लाई कर सकते हैं? ग्रेजुएशन जरूरी नहीं लिखा है।
Ans: जी हाँ, जॉब डिस्क्रिप्शन में “UG: Graduation Not Required” लिखा है। यानी अंडरग्रेजुएट डिग्री जरूरी नहीं है। 12वीं पास भी अप्लाई कर सकते हैं। बस आपकी इंग्लिश और कंप्यूटर स्किल्स अच्छी होनी चाहिए।
Q4. क्या लैपटॉप/कंप्यूटर कंपनी देगी?
Ans: ज्यादातर फ्रीलांसिंग/कॉन्ट्रैक्ट रिमोट जॉब्स में कंपनी लैपटॉप नहीं देती। आपको अपना लैपटॉप/कंप्यूटर और हाई-स्पीड इंटरनेट चाहिए होगा। इंटरव्यू में यह जरूर कन्फर्म कर लें।
Q5. 3 महीने के बाद क्या होगा? क्या जॉब चली जाएगी?
Ans: जॉब में लिखा है “Initially for 3 months, which can be extended as well”। मतलब शुरुआत 3 महीने के लिए है, लेकिन अगर आपका काम अच्छा रहा और प्रोजेक्ट चलता रहा, तो कॉन्ट्रैक्ट बढ़ सकता है। कोई गारंटी नहीं है, लेकिन संभावना है।
Q6. फ्रीलांसिंग जॉब का मतलब क्या? क्या मुझे खुद का GST रजिस्ट्रेशन करना होगा?
Ans: फ्रीलांसिंग जॉब का मतलब है आप कंपनी के परमानेंट एम्प्लॉयी नहीं हैं। आपको प्रोजेक्ट के हिसाब से पेमेंट मिलेगी। GST रजिस्ट्रेशन तब जरूरी होता है जब आपकी सालाना आमदनी ₹20 लाख से ज्यादा हो। इस जॉब की मैक्सिमम सैलरी ₹2.25 लाख है, तो शायद GST की जरूरत न पड़े। लेकिन टैक्स के लिए CA से सलाह जरूर लें।
Q7. क्या मैं दिन में कोई दूसरी जॉब कर सकता हूँ?
Ans: हाँ, क्योंकि यह नाइट शिफ्ट की पार्ट टाइम जॉब है, आप दिन में कोई दूसरी जॉब या पढ़ाई कर सकते हैं। बस ध्यान रहे कि आपको पर्याप्त नींद मिले और आप थके हुए न रहें।
Q8. वीडियो एनोटेशन सीखने के लिए कोई फ्री रिसोर्सेज हैं?
Ans: हाँ, YouTube पर “video annotation tutorial”, “data labeling for beginners”, “CVAT tool tutorial” जैसे कीवर्ड्स सर्च करें। कई फ्री ट्यूटोरियल्स मिल जाएँगे। इससे आप इंटरव्यू में बेहतर कर पाएँगे।
Q9. क्या यह जॉब लड़कियों/महिलाओं के लिए सेफ है?
Ans: चूंकि यह 100% रिमोट और घर से काम है, तो सेफ्टी का कोई इश्यू नहीं है। आप अपने घर के सुरक्षित माहौल में रात में काम कर सकती हैं। बस यह सुनिश्चित कर लें कि आप नाइट शिफ्ट के लिए तैयार हैं और आपके घर वाले सपोर्ट करते हैं।
Q10. अगर मुझे नाइट शिफ्ट पसंद न आए तो क्या डे शिफ्ट में बदल सकते हैं?
Ans: नहीं, यह जॉब खासतौर पर PST टाइमिंग (यानी भारत की नाइट) के लिए है। अगर आप नाइट शिफ्ट नहीं कर सकते तो यह जॉब आपके लिए नहीं है। दूसरी डे शिफ्ट वाली एनोटेशन जॉब्स ढूंढें।
निष्कर्ष: क्या यह जॉब आपके लिए है?
यह जॉब आपके लिए परफेक्ट है अगर:
- आप रात में जागना पसंद करते हैं या आपकी नींद का पैटर्न ऐसा है।
- आप फ्रेशर हैं और टेक फील्ड में एंट्री चाहते हैं।
- आप रिमोट वर्क चाहते हैं ताकि ऑफिस के चक्कर से बच सकें।
- आपकी इंग्लिश और कंप्यूटर स्किल्स अच्छी हैं।
- आप पेशेंट और डिटेल-ओरिएंटेड हैं।
- आप 3 महीने का कॉन्ट्रैक्ट कर सकते हैं (स्थायी नौकरी नहीं चाहिए)।
- आप एआई/टेक्नोलॉजी में इंटरेस्ट रखते हैं।
यह जॉब आपके लिए नहीं है अगर:
- आप डे शिफ्ट में काम करना चाहते हैं।
- आपको परमानेंट, स्टेबल जॉब चाहिए।
- आपको PF, ESI, मेडिकल बेनिफिट्स चाहिए।
- आप बहुत ज्यादा सैलरी चाहते हैं (₹30,000-₹40,000 से ऊपर)।
- आपकी आँखें कमजोर हैं या आप लगातार स्क्रीन नहीं देख सकते।
- आप मोनोटोनस काम से जल्दी बोर हो जाते हैं।
अंतिम सलाह:
दोस्तों, यह 50 सीटों वाली जॉब है और 100 से ज्यादा लोग अप्लाई कर चुके हैं। कंपटीशन है। अगर आप फ्रेशर हैं, रात में काम कर सकते हैं, और एआई/टेक फील्ड में जाना चाहते हैं, तो एक बार जरूर अप्लाई करें। सैलरी ₹8,300 से ₹18,750 फ्रेशर्स के लिए पार्ट टाइम जॉब के हिसाब से ठीक-ठाक है।
यह जॉब आपको वीडियो एनोटेशन की स्किल सिखाएगी जो आजकल की सबसे डिमांडिंग स्किल्स में से एक है। 3 महीने का अनुभव मिलने के बाद आप दूसरी कंपनियों में बेहतर जॉब पा सकते हैं।
जॉब पोस्टिंग 1 हफ्ते पहले की है। देर मत कीजिए, अपना रिज्यूमे तैयार कीजिए और Apply बटन दबाकर अप्लाई कर दीजिए।
नाइट ओउल्स के लिए शुभकामनाएँ! आपकी रात की शिफ्ट आपको एक नए करियर तक ले जा सकती है।


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